विंटर ओलंपिक 2026 – स्नोबोर्डिंग की ओपनिंग सेरेमनी पर मचा बवाल! लोगों ने देखा ‘शैतानी निशान’, सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
2026 Winter Olympics Snowboarding : इटली में शुरू हुए 2026 विंटर ओलंपिक 2026 – स्नोबोर्डिंग की शुरुआत तो धमाकेदार रही, लेकिन ओपनिंग सेरेमनी ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया है कि पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। 7 फरवरी को हुई इस भव्य सेरेमनी में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपनी पत्नी उषा के साथ मौजूद थे, लेकिन जो हंगामा इस इवेंट के बाद मचा, उसने सबको हैरान कर दिया है।

सोशल मीडिया पर तूफान की तरह वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों को देखकर लोग आयोजकों पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि सेरेमनी में ‘शैतानी प्रतीक’ दिखाया गया, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और क्यों लोग इतने नाराज़ हैं।
आखिर क्या हुआ था विंटर ओलंपिक 2026 – स्नोबोर्डिंग ओपनिंग सेरेमनी में?
विंटर ओलंपिक 2026 – स्नोबोर्डिंग की ओपनिंग सेरेमनी मिलान और कोर्टिना डी’एम्पेज़ो में आयोजित की गई थी। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन मिलान के मशहूर सैन सिरो स्टेडियम में हुआ, जहां हजारों लोग मौजूद थे। सेरेमनी बेहद शानदार तरीके से की गई थी, लेकिन इसके आखिरी हिस्से में कुछ ऐसा हुआ जिसने लोगों को चौंका दिया।
जब इटली की मशहूर स्कीयर सोफिया गोगिया ने ओलंपिक कैल्ड्रॉन (ओलंपिक मशाल) को जलाया, तो कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि उन्हें उसमें एक उल्टा पेंटाग्राम दिखाई दिया। अगर आप नहीं जानते, तो बता दें कि उल्टा पेंटाग्राम को अक्सर शैतानवाद का प्रतीक माना जाता है, और इसी वजह से यह विवाद खड़ा हो गया।
सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है?
जैसे ही सेरेमनी खत्म हुई, सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोगों ने ओलंपिक आयोजकों की जमकर आलोचना की। कई यूजर्स ने लिखा कि यह बेहद शर्मनाक है और ऐसे प्रतीकों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नहीं दिखाया जाना चाहिए।
एक यूजर ने लिखा, “यह क्या था? ओलंपिक जैसे पवित्र आयोजन में ऐसे संदिग्ध प्रतीक दिखाना बिल्कुल गलत है।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा, वह साफ-साफ उल्टा पेंटाग्राम था। आयोजकों को इसकी सफाई देनी चाहिए।”
हालांकि कुछ लोगों ने इसे महज एक संयोग बताया और कहा कि लोग बेवजह का बवाल मचा रहे हैं। लेकिन विवाद इतना बढ़ गया है कि अब इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) से सफाई की मांग की जा रही है। हालांकि अभी तक IOC ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
विंटर ओलंपिक्स क्या होते हैं?
अब जब इतनी बात हो ही गई है, तो आपको यह भी जान लेना चाहिए कि आखिर ये विंटर ओलंपिक्स होते क्या हैं। विंटर ओलंपिक्स एक विशाल अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन है जो हर चार साल में होता है। इसमें वे सभी खेल शामिल होते हैं जो बर्फ और बर्फीले इलाकों में खेले जाते हैं। इस प्रतियोगिता की शुरुआत 1924 में फ्रांस के शैमॉनिक्स शहर में हुई थी। तब से लेकर अब तक यह दुनिया के सबसे बड़े और रोमांचक खेल आयोजनों में से एक बन चुका है। इसमें स्कीइंग, आइस हॉकी, फिगर स्केटिंग, स्नोबोर्डिंग जैसे रोमांचक खेल होते हैं जो देखने में बेहद शानदार लगते हैं।
इस बार की खास बात यह है कि 2026 के विंटर ओलंपिक्स में पहली बार ‘स्की पर्वतारोहण’ को शामिल किया गया है। यह एक नया और रोमांचक खेल है जिसमें एथलीट पहाड़ों पर स्की के साथ चढ़ाई करते हैं। खेल प्रेमियों के लिए यह एक नया आकर्षण है।
विंटर ओलंपिक 2026 – स्नोबोर्डिंग ओपनिंग सेरेमनी से जुड़े विवाद के अलावा एक और मुद्दा है जिसने सुर्खियां बटोरीं। शनिवार को मिलान में हजारों लोग विंटर ओलंपिक्स के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। ओपनिंग सेरेमनी के ठीक अगले दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन में लोगों ने कई मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई।
IOC की चुप्पी से बढ़ रहा विवाद
सबसे बड़ी बात यह है कि इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दिया है। लोग सोशल मीडिया पर IOC से जवाब मांग रहे हैं, लेकिन कमेटी की ओर से पूरी तरह से खामोशी है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक गलतफहमी हो सकती है और लोग जरूरत से ज्यादा रिएक्ट कर रहे हैं। लेकिन जब तक IOC की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आता, तब तक यह विवाद थमने वाला नहीं है।
विंटर ओलंपिक 2026 – स्नोबोर्डिंग की शुरुआत तो हो गई है, लेकिन यह विवाद अभी भी जारी है। ओपनिंग सेरेमनी में दिखे कथित ‘शैतानी प्रतीक’ ने इस खेल महाकुंभ की चमक को कुछ हद तक फीका कर दिया है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोग जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, विंटर ओलंपिक्स के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन भी दिखाते हैं कि हर बड़े आयोजन के साथ कुछ विवाद जुड़े होते हैं। आने वाले दिनों में देखना होगा कि IOC इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या यह विवाद थमता है या और बढ़ता है। फिलहाल तो खेल प्रेमी इन रोमांचक प्रतियोगिताओं का आनंद ले रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आगे सब कुछ सुचारू रूप से चले। भारतीय दर्शकों के लिए भी यह एक खास मौका है जब वे दुनिया के बेहतरीन एथलीटों को बर्फ पर अपना हुनर दिखाते देख सकते हैं।

