Budget 2026! निर्मला सीतारमण ने रचा इतिहास, जानें किस योजना को मिले कितने करोड़
देश में पहली बार रविवार के दिन Budget 2026 पेश हुआ और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 1 फरवरी 2026 को उन्होंने लगातार 9वीं बार लोकसभा में बजट पेश किया। यह भारत के बजट इतिहास में एक ऐतिहासिक पल था। लेकिन सवाल यह है कि आम आदमी के लिए इस बजट में क्या खास रहा? किसान, गरीब और मध्यम वर्ग के लिए क्या तोहफे आए?

Budget 2026 से पहले सबकी निगाहें पीएम किसान योजना, आयुष्मान भारत और पीएम आवास योजना जैसी लोकप्रिय स्कीम्स पर टिकी थीं। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार इन योजनाओं में बड़ा इजाफा करेगी, लेकिन ऐसा कुछ खास नहीं हुआ। हालांकि वित्त मंत्री ने देश की 191 प्रमुख योजनाओं का बजट 2026-27 के लिए जारी कर दिया है।
Budget 2026 में पीएम किसान योजना:
किसानों के लिए सबसे बड़ी योजना यानी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में इस बार कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पिछले साल की तरह इस साल भी इस योजना के लिए 63,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यानी किसानों को मिलने वाली 6000 रुपये सालाना की राशि में कोई इजाफा नहीं होगा। यह उन किसानों के लिए थोड़ी निराशाजनक खबर है जो महंगाई के दौर में इस राशि में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे।
आवास योजना: शहरी घटा, ग्रामीण बढ़ा
पीएम आवास योजना में दिलचस्प बदलाव देखने को मिले हैं। पीएम आवास योजना शहरी का बजट घटाकर Budget 2026 में 18,625 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 19,794 करोड़ था। लेकिन दूसरी तरफ पीएम आवास योजना ग्रामीण का बजट बढ़ाकर 54,917 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह पिछले साल के 54,832 करोड़ से थोड़ा ही ज्यादा है, लेकिन संशोधित अनुमान (32,500 करोड़) से काफी ज्यादा है। इससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण इलाकों में घर बनाने वालों को ज्यादा मदद देने की है।
मनरेगा ( MGNREGA)की जगह आई नई योजना – वीबी जी राम जी (VB-G RAM G) योजना
इस Budget 2026 की सबसे बड़ी घोषणा है विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत। मनरेगा को बदलते हुए सरकार ने इस नई योजना के लिए 95,692 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। यह ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन और विकास कार्यों के लिए है। यह कदम गांवों में रहने वाले मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत हो सकता है।
सबसे ज्यादा पैसा गरीबों के अनाज के लिए
बजट में सबसे बड़ा आवंटन पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए किया गया है। इस योजना के तहत गरीबों को मुफ्त राशन मुहैया कराया जाता है। इस साल इसके लिए 2,27,429 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पिछले साल यह 2,03,000 करोड़ था। यह सरकार की प्राथमिकता दर्शाता है कि देश में कोई भूखा न रहे।
आयुष्मान भारत में मामूली बढ़त
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह पिछले साल के 9,406 करोड़ से थोड़ा ही ज्यादा है। यह योजना गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराती है। लोगों को उम्मीद थी कि इसमें और बढ़ोतरी होगी, लेकिन बढ़त बहुत मामूली रही।
सोलर एनर्जी पर जोर
पीएम सूर्य घर बिजली योजना के लिए 22,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले साल के 20,000 करोड़ से ज्यादा है। यह योजना घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए है। इससे लोगों को बिजली बिल में राहत मिलेगी और पर्यावरण भी साफ रहेगा।
किसानों के लिए अन्य योजनाएं Budget 2026 में
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: 6,587 करोड़ रुपये
- फसल बीमा योजना: 12,200 करोड़ रुपये
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: 8,550 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: 2,500 करोड़ रुपये
रोजगार और कौशल विकास
Budget 2026 में पीएम इंटर्नशिप योजना के लिए 4,788 करोड़ रुपये का बजट है, जो युवाओं को इंटर्नशिप के जरिए रोजगार के अवसर देगा। वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के लिए 4,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल से काफी ज्यादा है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए 3,861 करोड़ रुपये का बजट है, जो कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों की मदद करता है।
LPG और ऊर्जा योजनाएं
Budget 2026 में गरीब परिवारों को LPG कनेक्शन योजना के लिए 9,200 करोड़ रुपये और पीएम कुसुम योजना (सोलर पंप योजना) के लिए 5,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
दिव्यांगों के लिए नई शुरुआत
इस बार पहली बार दिव्यांग कौशल योजना की घोषणा की गई है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट है। यह दिव्यांग लोगों को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
कुल मिलाकर यह Budget 2026 मिला-जुला रहा। ग्रामीण विकास, गरीबों के लिए मुफ्त अनाज और सोलर एनर्जी पर जोर दिया गया है। लेकिन पीएम किसान योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद करने वाले लोग थोड़े निराश हो सकते हैं। फिर भी, 191 योजनाओं के लिए बजट का ऐलान यह दर्शाता है कि सरकार हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अब देखना यह है कि जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का कितना फायदा आम आदमी तक पहुंचता है!

