GATE 2026 स्कोर की गणना: जानिए कैसे तय होती है आपकी रैंक, यहां समझें पूरा फॉर्मूला
अगर आप भी GATE 2026 की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके बेहद काम की है। हर साल लाखों छात्र GATE की परीक्षा देते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह समझ पाते हैं कि आखिर उनके स्कोर की गणना कैसे होती है और रैंक कैसे तय की जाती है। आज हम आपको बिल्कुल आसान भाषा में समझाएंगे कि GATE 2026 में स्कोर नॉर्मलाइजेशन क्या है और आपकी रैंक कैसे निकाली जाती है।
GATE 2026 क्या है और क्यों है जरूरी?
ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी GATE एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है जो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु और सात आईआईटी मिलकर आयोजित करते हैं। यह परीक्षा सिर्फ एम.टेक में एडमिशन के लिए ही नहीं, बल्कि PSU यानी सरकारी कंपनियों में नौकरी पाने के लिए भी जरूरी है। इसलिए हर साल इंजीनियरिंग के छात्रों के बीच इस परीक्षा को लेकर काफी उत्साह रहता है।
GATE 2026 अब कोने में है और ऐसे में छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि उनके मार्क्स को कैसे कैलकुलेट किया जाएगा और रैंक कैसे मिलेगी। चलिए, इस पूरी प्रक्रिया को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं।
GATE स्कोर क्या होता है?
सबसे पहले तो यह समझ लीजिए कि GATE स्कोर और आपके असली मार्क्स में फर्क होता है। जब आप एग्जाम देते हैं तो जो मार्क्स आपको मिलते हैं, उन्हें रॉ मार्क्स या एक्चुअल मार्क्स कहा जाता है। लेकिन GATE में कुछ पेपर एक से भी ज्यादा सेशन में होते हैं। ऐसे में हर सेशन का पेपर अलग-अलग कठिनाई स्तर का हो सकता है।
इसी वजह से एक नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस अपनाई जाती है ताकि सभी उम्मीदवारों के साथ न्याय हो सके। सिंगल सेशन वाले पेपर के लिए आपके रॉ मार्क्स को ही GATE 2026 स्कोर कैलकुलेट करने में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मल्टी-सेशन पेपर के लिए पहले नॉर्मलाइज्ड मार्क्स निकाले जाते हैं।
जानिए GATE की मार्किंग स्कीम
GATE 2026 में कुल 65 सवाल पूछे जाएंगे और पूरी परीक्षा 100 मार्क्स की होती है। हर सही जवाब के लिए आपको 1 या 2 मार्क्स मिलते हैं। लेकिन ध्यान रहे, गलत जवाब देने पर नेगेटिव मार्किंग भी होती है।
अगर आपने 1 मार्क वाले सवाल का गलत जवाब दिया तो 1/3 मार्क काट लिया जाएगा। वहीं, 2 मार्क्स वाले सवाल में गलती करने पर 2/3 मार्क की कटौती होगी। हालांकि, NAT (Numerical Answer Type) और MSQ (Multiple Select Questions) वाले सवालों में गलत जवाब देने पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती। यह छात्रों के लिए राहत की बात है।
स्कोर नॉर्मलाइजेशन का फॉर्मूला
अब बात करते हैं सबसे महत्वपूर्ण चीज की वह है स्कोर नॉर्मलाइजेशन। GATE कमेटी ने विभिन्न नॉर्मलाइजेशन तरीकों की जांच के बाद एक खास फॉर्मूला अपनाया है। यह फॉर्मूला इस धारणा पर आधारित है कि उम्मीदवारों की योग्यता सभी सेशन में समान रूप से वितरित है। चूंकि बहुत बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देते हैं और उन्हें रैंडमली सेशन अलॉट किए जाते हैं, इसलिए यह धारणा सही मानी जाती है। साथ ही, हर सेशन में लगभग बराबर संख्या में छात्रों को रखा जाता है ताकि किसी के साथ कोई अन्याय न हो।
GATE 2026 का क्वालिफाइंग कटऑफ
GATE पास करने के लिए एक न्यूनतम कटऑफ निर्धारित होता है जो अलग-अलग आरक्षण कैटेगरी के लिए अलग होता है। यहां देखिए कैसे तय होता है यह कटऑफ
जनरल कैटेगरी: max(25, min(40, μ + σ))
OBC-NCL/EWS: जनरल कटऑफ का 9/10 गुना
SC/ST/PwD: जनरल कटऑफ का 2/3 गुना
यहां μ (म्यू) का मतलब है सभी परीक्षार्थियों के मार्क्स का औसत और σ (सिग्मा) का मतलब है पॉजिटिव मार्क्स का स्टैंडर्ड डिविएशन।
रैंक कैसे मिलती है?
जब GATE स्कोर की गणना हो जाती है, तब उम्मीदवारों को उनके प्राप्त अंकों के आधार पर ऑल इंडिया रैंक (AIR) दी जाती है। अब सवाल यह है कि किस रैंक से कहां एडमिशन मिल सकता है?
पिछले कुछ सालों के ट्रेंड को देखें तो अगर आपकी रैंक 200 से कम है, तो आईआईटी में एम.टेक के लिए एडमिशन की संभावना बहुत अच्छी मानी जाती है। वहीं, 350 से 800 के बीच की रैंक से एनआईटी में एम.टेक में दाखिला मिल सकता है।
2021 के टॉपर्स का डेटा
साल 2021 में जिन छात्रों ने AIR 1 हासिल की, उनके स्कोर और मार्क्स में काफी फर्क था। जैसे कि एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (AE) में टॉपर को 1000 स्कोर के लिए 84 मार्क्स मिले थे। वहीं, एग्रीकल्चर (AG) में सिर्फ 61.33 मार्क्स पर भी 1000 स्कोर मिला।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के टॉपर ने 93.22 मार्क्स से 979 स्कोर हासिल किया। इससे साफ पता चलता है कि हर सब्जेक्ट में स्कोर कैलकुलेशन अलग तरीके से होती है और यह पेपर की कठिनाई पर निर्भर करता है।
GATE 2026 में अच्छा स्कोर लाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि इस पूरी प्रक्रिया को समझना भी जरूरी है। जब आपको पता होगा कि आपके मार्क्स को कैसे कैलकुलेट किया जाएगा, तो आप बेहतर स्ट्रैटेजी बना सकते हैं। नेगेटिव मार्किंग से बचने के लिए सिर्फ उन्हीं सवालों को अटेम्प्ट करें जिनके बारे में आप कॉन्फिडेंट हों। NAT और MSQ टाइप के सवालों में चूंकि नेगेटिव मार्किंग नहीं है, इसलिए उन्हें जरूर करें भले ही अंदाजे से सही।
यह भी पढ़े :- GATE 2026 Admit Card हुआ जारी! ऐसे करें डाउनलोड – फरवरी में है परीक्षा
सही मानसिकता, तैयारी की स्पष्ट समझ और समर्पण के साथ GATE 2026 में सफलता हासिल की जा सकती है। आखिरकार, यह परीक्षा आपके करियर का एक अहम पड़ाव है जो आपको बेहतरीन शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसर दिला सकती है।

