first woman to win nda president medal nda topper

NDA में इतिहास रचा! UP की बेटी को मिला प्रेसिडेंट मेडल, JEE में भी दिखाया था जलवा

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की एक बेटी ने देश भर में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर दिया है। सिद्धि जैन ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में वह इतिहास रच दिया है जो अब तक कोई महिला नहीं कर पाई थी। वह प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट मेडल हासिल करने वाली पहली महिला कैडेट बन गई हैं। यह सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प की जीत है।

एक नहीं, दो सम्मान एक साथ

सिद्धि ने सिर्फ प्रेसिडेंट मेडल ही नहीं जीता, बल्कि ‘बेस्ट ऑल-राउंड एयर कैडेट’ का खिताब भी अपने नाम किया। यह पुरस्कार उन्हें पढ़ाई, सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता, अफसर जैसे गुण और विशेष सेवा में शानदार प्रदर्शन के लिए मिला। एनडीए की पूरी ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने हर मोर्चे पर खुद को साबित किया और यह दिखा दिया कि जब हौसला बुलंद हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।

first woman to win nda president medal nda topper
first woman to win nda president medal nda topper

बदायूं के उझानी से निकली यह जांबाज बेटी

सिद्धि जैन बदायूं जिले के उझानी इलाके की रहने वाली हैं। उनके पिता निखिल कुमार जैन और मां तृप्ति जैन दोनों शिक्षक हैं। एक साधारण परिवार से आने वाली सिद्धि ने असाधारण काम कर दिखाया। दिलचस्प बात यह है कि एनडीए में उनका चयन दूसरे प्रयास में हुआ। पहली बार में वह एसएसबी राउंड में चयनित नहीं हो पाई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा कोशिश की। और इस बार उन्होंने न सिर्फ चयन पाया बल्कि इतिहास भी रच दिया।

पिता ने कहा – इससे बड़ी खुशी क्या होगी

बेटी की इस अद्भुत उपलब्धि पर पिता निखिल कुमार जैन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा, “माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है कि उसकी बेटी ने इतिहास रच दिया है। उसका नाम एनडीए के रिकॉर्ड में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।” वहीं, मां तृप्ति जैन ने सिद्धि को पूरे देश की लड़कियों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने गर्व से कहा, “सिद्धि ने साबित कर दिया है कि अगर मौका मिले तो महिलाएं कुछ भी हासिल कर सकती हैं। वह उन अनगिनत युवा लड़कियों के लिए मिसाल है जो वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखती हैं।”

IIT की तैयारी छोड़कर चुना देश सेवा का रास्ता

सिद्धि की कहानी और भी दिलचस्प है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धि कोटा में IIT-JEE की कोचिंग ले रही थीं। JEE Main में उन्हें इतनी अच्छी रैंक मिली कि उन्हें NIT में दाखिला मिल सकता था। लेकिन सिद्धि ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर सेना में जाने का फैसला किया। उन्होंने देश सेवा को अपना करियर बनाने का साहसिक निर्णय लिया। यह फैसला दिखाता है कि उनके लिए सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि सच्ची सेवा का मतलब क्या है।

तीन साल की कठिन ट्रेनिंग और अटूट संकल्प

एनडीए में पहले टर्म से ही सिद्धि को कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बेहद मुश्किल रूटीन, शारीरिक दबाव और सख्त अनुशासन के बीच उन्होंने तीन साल की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की। हर कदम पर उन्होंने खुद को साबित किया और यह दिखाया कि दृढ़ निश्चय के सामने कोई मुश्किल बड़ी नहीं होती। अब सिद्धि अपनी ट्रेनिंग के अंतिम चरण के लिए डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी (AFA) जाएंगी। वहां से पूरा होने के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना में कमीशन दिया जाएगा।

नेवी चीफ ने की तारीफ, कहा – यह बदलाव लाने वाली उपलब्धि है

नेवी चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने खुद सिद्धि के सीने पर मेडल लगाया। उन्होंने कहा कि सिद्धि की यह उपलब्धि बदलाव लाने वाली है। “उनका प्रदर्शन बेहतरीन काम का एक नया मानक स्थापित करता है। यह यूनिफॉर्म में महिलाओं की बढ़ती ताकत और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है,” उन्होंने कहा।

“दृढ़ संकल्प की हमेशा जीत होती है” – सिद्धि जैन

सिद्धि ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “प्रेसिडेंट मेडल प्राप्त करना एक ऐसा सम्मान है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। यह उपलब्धि दिखाती है कि एक बाधा आपके भविष्य का फैसला नहीं कर सकती। आज मैं यहां यह साबित कर रही हूं कि दृढ़ संकल्प की हमेशा जीत होती है।”

NDA के इतिहास में पहली बार

रविवार को 149वें कोर्स के 329 कैडेट्स ने एनडीए से पासिंग आउट परेड की। इस बैच में 15 महिला कैडेट्स ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया। यह एनडीए में महिलाओं का दूसरा बैच था। इससे पहले दो महिला कैडेट्स ने शैक्षणिक धारा में शीर्ष स्थान हासिल किया था – एक 148वें कोर्स में और दूसरी 149वें में। लेकिन सिद्धि जैन एनडीए के पूरे इतिहास में पहली महिला हैं जिन्होंने योग्यता के समग्र क्रम (ओवरऑल मेरिट) में टॉप किया। यह उपलब्धि न सिर्फ सिद्धि के लिए बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए गौरव का क्षण है।

सिद्धि जैन की यह कहानी देश की हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखती है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

यह भी पढ़े