MGNREGA : 20 साल पुरानी योजना की जगह नई योजना, क्या होगा नया नाम और क्या होंगे बदलाव, विपक्ष का जोरदार विरोध

देश केंद्र सरकार MGNREGA योजना की जगह एक अलग योजना लाने जा रही है। जी हां, आपने सही सुना! 20 साल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की जगह अब ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन’ आने वाली है। पुरानी योजना का नाम बदलकर उसमे कुछ बड़े बदलाव भी किए जाएंगे यानि लगबग नई योजना होगी।

MGNREGA ai generated image by google gemini
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मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने इस नए कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और लोकसभा सांसदों के बीच इसकी कॉपी भी बांट दी गई है। संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में ही इस बिल को पेश किया जा सकता है। 19 दिसंबर को सत्र खत्म होने से पहले यह अहम बिल सदन में आ सकता है।

अगर यह बिल पास हो गया, तो 2005 से चल रही मनरेगा योजना का सफर यहीं खत्म हो जाएगा। उसकी जगह नई स्कीम ‘VB-G RAM G’ (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन) योजना लागू की जाएगी।

MGNREGA में 100 नहीं, अब मिलेंगे पूरे 125 दिन का काम!

नई योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब गांव के हर परिवार को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यह ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का कहना है कि पिछले 20 सालों में मनरेगा ने लाखों परिवारों को रोजगार दिया, लेकिन अब गांवों की हालत बदल चुकी है। नए जमाने के हिसाब से इस योजना को अपडेट करना जरूरी हो गया है।

MGNREGA में सबसे बड़े 5 बदलाव जो आपको जानने चाहिए

1. काम के दिनों में इजाफा

पहले की MGNREGA योजना में 100 दिन का काम मिलता था, लेकीन अब आने वाली G RAM G योजना में 125 दिन मिलेगा। यानी 25 दिन का एक्स्ट्रा रोजगार! इससे गरीब परिवारों की कमाई में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी।

2. अब राज्य भी देंगे पैसा

अभी तक मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी। लेकिन नई स्कीम में राज्य सरकारों को भी अपनी जेब से पैसे देने होंगे। इसमें पूर्वोत्तर राज्य , हिमालयी राज्य और J&K, उत्तराखंड, हिमाचल को 10% खर्च उठाना होगा और 90% खर्च केंद्र सरकार देगी। इसके बाकी सब राज्यों को इस योजना के लिए 40% देना होगा और केंद्र 60% खर्च देगी।

3. खेती के सीजन में नहीं चलेगी योजना

यह बदलाव किसानों के लिए बड़ी राहत है! बुआई और कटाई के समय 60 दिनों के लिए मनरेगा के काम बंद रहेंगे। इससे खेतों में मजदूरों की कमी नहीं होगी और किसानों को आसानी से काम करने वाले लोग मिल जाएंगे।

4. हर हफ्ते आएगा पेमेंट

MGNREGA में 15 दिन बाद पैसा मिलता था, लेकिन नई स्कीम G RAM G में हर हफ्ते पेमेंट किया जा सकेगा। और खास बात यह है की अगर 15 दिन के अंदर काम नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा!

5. गांव की इकोनॉमी को मिलेगी बूस्ट

नई योजना G RAM G में पानी के काम, सड़क निर्माण, और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस होगा। इससे गांवों में बिजनेस बढ़ेगा, मार्केट तक पहुंच आसान होगी और लोगों की आमदनी में इजाफा होगा।

नए कानून में ग्राम पंचायत की भूमिका बढ़ाई गई है। अब पंचायत खुद अपनी योजनाएं बनाएगी। इन्हें PM गति शक्ति जैसे सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी।

लेकीन इस बदलाव पर सियासी बवाल भी शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया है कि सरकार महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा रही है। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी दुनिया के सबसे महान नेताओं में से एक थे। समझ नहीं आ रहा कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है।” बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को 15 से 19 दिसंबर तक संसद में मौजूद रहने का व्हिप जारी कर दिया है। ताकि बिल पास करने में वोटों की कमी ना हो। लगता है कि सरकार इस बिल को जल्द से जल्द पास कराना चाहती है।

अगर यह बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पास हो गया, तो MGNREGA का युग खत्म हो जाएगा और G RAM G के साथ ग्रामीण रोजगार की नई परिभाषा शुरू हो जाएगी।

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