Union Budget 2026 : रविवार को आएगा बजट 2026! निर्मला सीतारमण रचेंगी इतिहास, जानिए क्या होगा खास

देश की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है Union Budget 2026 का। इस बार का बजट खास है क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करने वाली हैं। यह भारतीय संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड होगा। मोदी सरकार 3.0 का यह तीसरा पूर्ण बजट होगा और सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं चाहे वह आम आदमी हो या बड़े कारोबारी।

Union Budget 2026 image
Union Budget 2026 Nirmala Sitharaman (credit- instagram)

रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना ऐतिहासिक नौवां Union Budget 2026 पेश करेंगी। जी हां, आपने सही पढ़ा रविवार को! यह पहली बार नहीं है जब बजट रविवार को पेश किया जा रहा है, लेकिन हर बार यह खास ही होता है।

देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट होगा, जो किसी भी वित्त मंत्री के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पीएम मोदी ने भी इस बात पर गर्व जताया है और कहा है कि यह भारत के संसदीय इतिहास में गर्व का पल है।

Union Budget 2026 : जानिए पूरा शेड्यूल

संसद का बजट सेशन 28 जनवरी 2026 को शुरू हो चुका है और यह गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। लेकिन इस बीच एक लंबा ब्रेक भी है। दरअसल, दोनों सदन शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 से छुट्टी के लिए स्थगित हो जाएंगे और फिर सोमवार, 9 मार्च 2026 को दोबारा शुरू होंगे।

कुल मिलाकर बजट सेशन 2026 में 65 दिनों में 30 बैठकें होने वाली हैं। पहले भाग में 13 बैठकें होंगी और दूसरे भाग में 17 बैठकें। यानी संसद में काफी गहन चर्चा और बहस होने वाली है बजट को लेकर।

Union Budget 2026 पेश होने से पहले एक परंपरागत रस्म होती है हलवा सेरेमनी। इस बार यह सेरेमनी मंगलवार, 27 जनवरी को नॉर्थ ब्लॉक में बजट प्रेस में हुई। यह Union Budget 2026-27 की तैयारी का आखिरी स्टेज माना जाता है।

इस सेरेमनी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सभी विभागों के सचिव और बजट तैयार करने में शामिल सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। हलवा बांटने की यह परंपरा सालों से चली आ रही है और यह बजट की तैयारी के अंतिम चरण का प्रतीक है। हलवा सेरेमनी के बाद से ही बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी “लॉक-इन” पीरियड में चले जाते हैं, यानी वे बाहरी दुनिया से कटकर बजट की फाइनल तैयारी में जुट जाते हैं ताकि कोई जानकारी बाहर लीक न हो।

रविवार को भी खुलेगा शेयर बाजार – यह है बड़ी खबर!

अब यहां एक और दिलचस्प बात है। आम तौर पर रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन 1 फरवरी, रविवार को Union Budget 2026 के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों खुले रहेंगे।

जी हां, छुट्टी के दिन भी ट्रेडिंग होगी! यह इसलिए किया जाता है ताकि निवेशक Union Budget 2026 की घोषणाओं पर तुरंत रिएक्ट कर सकें। ट्रेडिंग सामान्य दिनों की तरह ही सुबह 9 बजकर 15 मिनट से शुरू होगी और दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर खत्म होगी। निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा मौका है क्योंकि बजट में कई ऐसी घोषणाएं हो सकती हैं जो सीधे शेयर बाजार को प्रभावित करती हैं। टैक्स स्लैब में बदलाव, किसी सेक्टर को प्रोत्साहन, या कोई नई योजना – ये सभी बातें शेयर की कीमतों पर असर डालती हैं।

हालांकि Union Budget 2026 की असली घोषणाएं तो 1 फरवरी को ही सामने आएंगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के Union Budget 2026 में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। मिडिल क्लास को टैक्स में राहत की उम्मीद है, किसानों के लिए कुछ खास योजनाएं आ सकती हैं, और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जा सकता है। रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा, डिजिटल इंडिया को मजबूत करना, और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी कुछ बड़ी घोषणाएं संभव हैं। चूंकि यह मोदी 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट है, इसलिए सरकार अपनी विकास की गति को और तेज करना चाहेगी।

विशेषज्ञों की राय: इस बजट से क्या उम्मीदें हैं?

अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का Union Budget 2026 काफी संतुलित होगा। एक तरफ जहां सरकार को राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखना होगा, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक विकास को भी रफ्तार देनी होगी। मिडिल क्लास लंबे समय से टैक्स में राहत की मांग कर रहा है, इसलिए इनकम टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव की संभावना बनी हुई है।

इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास स्कीम्स आ सकती हैं। मेक इन इंडिया को और मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देना, फिनटेक सेक्टर को प्रोत्साहन देना, और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता में हो सकता है। खासकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा सकता है।

कोविड-19 के बाद से स्वास्थ्य सेक्टर की अहमियत बढ़ी है। इसलिए इस बार के बजट में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़ा बजट आवंटन हो सकता है। आयुष्मान भारत योजना का विस्तार, नए मेडिकल कॉलेज खोलना, और ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार के एजेंडे में हो सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ बड़े ऐलान हो सकते हैं। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों और कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर जोर दिया जा सकता है। खासकर युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग पर ध्यान दिया जा सकता है।

सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास पर सरकार लगातार जोर देती आई है। इस बार के Union Budget 2026 में भी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा आवंटन होने की उम्मीद है। नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, और स्मार्ट सिटी योजनाओं को और तेज किया जा सकता है। भारतमाला परियोजना, सागरमाला परियोजना, और अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को और फंड मिल सकता है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे। कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े लाखों लोगों को इससे फायदा होगा।

MSME सेक्टर: रोजगार का बड़ा स्रोत

छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ये सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार देता है। इस बार के Union Budget 2026 में MSME सेक्टर को आसान लोन, टैक्स में छूट, और अन्य प्रोत्साहन मिल सकते हैं। डिजिटलाइजेशन में इनकी मदद करने के लिए भी कुछ स्कीम्स आ सकती हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकता है। युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए फंडिंग, मेंटरशिप, और रेगुलेटरी सुविधाओं में सुधार किया जा सकता है। इससे नए बिजनेस आइडियाज को जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।

1 फरवरी 2026, रविवार, सुबह 11 बजे यह तारीख और समय याद रखिए। निर्मला सीतारमण का ऐतिहासिक नौवां Union Budget 2026 देश के सामने आएगा। यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने वाला दस्तावेज है।

शेयर बाजार भी रविवार को खुला रहेगा, इसलिए निवेशकों के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि बजट की हर घोषणा का सीधा असर शेयर की कीमतों पर पड़ता है।

यह भी पढ़े :- बारामती में प्लेन क्रैश: Ajit Pawar की मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में मचाया भूचाल, जानें पूरी कहानी

सरकार की “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति के तहत इस बजट में क्या-क्या बड़े ऐलान होते हैं, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। उम्मीद है कि यह बजट आम आदमी, किसान, मजदूर, युवा, महिला और कारोबारी – सभी के लिए कुछ न कुछ लाभकारी लेकर आएगा। मोदी सरकार का यह तीसरा पूर्ण बजट विकास की गति को तेज करने वाला होगा, ऐसी उम्मीद पूरे देश को है। रोजगार सृजन, आर्थिक विकास, और सामाजिक कल्याण – इन तीनों पहलुओं पर सरकार कैसे संतुलन बनाती है, यह देखना काबिले-गौर होगा।

यह भी पढ़े